( पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त का कहना है कि हर तीसरा हिन्दुस्तानी भ्रष्ट है | निश्चित रूप से यह तीसरा हिन्दुस्तानी हम में से वह है,जिस पर देश के हित-सम्पादन की ज़िम्मेदारी है | )
बस्ती-बस्ती रैन-अन्धेरे,
गलियाँ जैसे भूतों के डेरे ,
जिन पे मुल्क टिका है यारो,
वे हैं भ्रष्टाचार की खान,
ये है मेरा हिन्दुस्तान |
पूछ रही है देश की माटी,
मेरे लाल कहाँ हैं खोये,
मेरी अस्मत ख़ातिर लुट गये,
ऐसे लाल क्यूँ आज न होये,
ये हैं कैसे लाल जो बेचें,
चौराहों पर मेरा मान,
ये है मेरा हिन्दुस्तान |
नीम बेहोशी हम हैं सोये,
देश की चिंता कौन करेगा ?
लूट मची है घर भरने को,
कौन देश के कष्ट हारेगा ?
कौन बुझाए नक्सल की आग ?
किस को है कश्मीर का ध्यान ?
ये है मेरा हिन्दुस्तान | |
(रचना-तिथि:---30-12-1999)